Relince Jio ने सब से पहले Kiya दिया AGR का बकाया शुल्क Bharti Airtel, Vodafone Idea, ने सुप्रीम कोर्ट से ये कहा।

Relince Jio ने चुकाया AGR 

 (AGR) एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू को लेकर चल रहे विवाद के बीच, मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली Relince Jio ने कथित तौर पर (DoT) यानि के दूरसंचार विभाग को अपना बकाया दे दिया है। Relince इंडस्ट्रीज की टेलिकॉम कंपनी ने 31 जनवरी, 2020 तक बकाया राशि को खाली करने के लिए DoT को 195 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

टेलिकॉम कंपनियों से जुड़े AGR का मुद्दा हाल के दिनों में तेज हो गया है, जिसमें Bharti Airtel और Vodafone Idea ने अपना बकाया का भुगतान करने के लिए 23 जनवरी की समय सीमा बढ़ाने की मांग के लिए  Supreme Court  का दरबाज़ा खटखटाया । आप को बता दें  Supreme Court ने AGR बकाया का भुगतान करने की समय सीमा 23 जनवरी तय की थी।

Bharti Airtel  और Vodafone Idea 

इस बीच, Bharti Airtel और Vodafone Idea को आने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कारण AGR शुल्क का भुगतान करने के लिए 23 जनवरी की तारीख  याद करने की ज़रूरत थी।आप को बता दें के टेलीकॉम ऑपरेटरों ने अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें Revenue बकाया का भुगतान करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। टाटा समूह की सहायक कंपनी टाटा टेली ने भी भुगतान करने के लिए अधिक समय की मांग करते हुए अदालत का दरबाज़ा खटखटाया। 



इससे पहले मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम ऑपरेटरों Vodafone Idea, Bharti Airtel और टाटा टेलीसर्विसेज द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें AGR से संबंधित बकाया का भुगतान करने के लिए अधिक समय दिया।


की आखिरी तारिक ख़त्म 

किसको कितना पैसा देना है

टेलिकॉम कंपनियों के पास 1.47 लाख करोड़ रुपये के वैधानिक बकाया हैं जो उन्हें दूरसंचार विभाग (DoT) को भुगतान करने की आवश्यकता है। इसमें से टेलीकॉम कंपनियों पर 92,642 करोड़ रुपये अवैतनिक लाइसेंस शुल्क और अन्य 55,054 करोड़ रुपये बकाया स्पेक्ट्रम शुल्क है।


एक अनुमान के मुताबिक, Airtel का कुल बकाया 35,586 करोड़ रुपये है जबकि Vodafone Idea  का बकाया 53,538 करोड़ रुपये है।

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